व्रत वाला ढोकला सामग्री- सामा चावल- साबूदाना - नींबू का रस- शक्कर- बेकिंग पाउडर या ईनो- सेंधा नमक - घी-हरी मिर्च-कड़ी पत्ता- दही- पानी
कैसे बनाएं - इसे बनाने के लिए सबसे पहले सामा के चावल को अच्छे से पानी के नीचे धोएं और फिर इसे अच्छे से छानें।-अब ग्राइंडर में साबूदाना को डालें और फिर इसे अच्छे से ब्लेंड करें। जब इसकी कंसिस्टेंसी पाउडर फॉर्म में हो जाए तो फिर साबूदाना और सामा चावल को एक साथ मिक्स करें।
इसमें जरुरत के मुताबिक पानी डालें और फिर इसे भिगोएं। इसे फ्रिज में कुछ देर के लिए रख दें। करीब 5 से 7 घंटे के लिए। -फिर इस मिश्रण को अच्छे से ब्लेंड करें और जब ये स्मूद बैटर बन जाए तब इसमें दही, नींबू का रस, शक्कर, और सेंधा नमक डालें। इसमें आप सिट्रिक एसिड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। - इसकी कंसिस्टेंसी ना ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए ना ही ज्यादा पतली। अगर ये ज्यादा गाढ़ी है तो इसमें पानी मिलाएं।
जब स्टीम करने के लिए तैयार हो तो इसमें ईनो या बेकिंग पाउडर मिलाएं। अब एक बर्तन को ग्रीस करें और फिर इसमें बैटर डालें।- इसे अच्छे से स्टीम करें इसमें करीब 15 से 20 मिनट लग जाएंगे। पकने के बाद इसे ठंडा करें और फिर एक प्लेट में निकालें।
तड़का तैयार करें। इसके लिए एक पैन में घी गर्म करें और फिर इसमें हरी मिर्च, कड़ी पत्ता चटकाएं और फिर ढ़ोकले पर सप्रेड करें।- ढोकला तैयार है। इसे हरी चटनी के साथ सर्व करें।
जब मावा की परत को पनीर के साथ मिला कर रसगुल्ले के उप्पर लपेटे है तो हमारा रसकदम बन कर त्यार होता है यह एक बंगाली मिठाई हैं।
ढाबा स्टाइल सरसों का साग पंजाब की लोकप्रिय रेसिपी में से एक है, क्योंकि यह पंजाब की डिश है इसलिए इसे सरसों दा साग के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता के अनुसार आंवला नवमी को आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। इस दिन आंवला खाने का उच्च कोटि का महत्व है। आंवला विटामिन-सी से भरपूर होता है और हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाता है, खाने की इच्छा को बढ़ाता है और आलस्य को दूर करता है। अगर आप भी आंवला नवमी के दिन आंवले का सेवन करके लाभ अर्जित करना चाहते हैं, तो यहां आपके लिए 6 अनोखी आंवला रेसिपी बताई गई हैं। यहां पढ़ें- 1. आंवला मुरब्बा:आंवला मुरब्बा1 किलो चमचमाता आंवला, 10 ग्राम चूना, 25 ग्राम मीठा मीठा, 1.25 किलो चीनी, 1 चम्मच काली मिर्च, 5-7 केसर के गुच्छे, पाव चम्मच इलायची पाउडर। तरीका:1 किलो चमचमाता और आसान आंवला लें और इसे 3 दिनों के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इन्हें पानी से निकाल कर कांटों से गोद लें और पानी में नीबू को घोलकर आंवले को 3 दिन तक उसमें भीगने दें. चौथे दिन इन्हें आसान पानी से धोकर चीनी, मीठा और पानी में भाप दें। फिर इसे कपड़े पर खोलकर सुखा लें। अब चाशनी बनाकर उसमें आंवले छोड़ दें और रात का खाना तैयार करें. जब आंवले अच्छे से नरम हो जाएं तो उसमें काली मिर्च, केसर और इलायची डाल दें। इसके बाद मुरब्बा को ठंडा करके एक जार में रख लें। तैयार आंवला जैम हृदय को बिजली देने और दिमाग को तरोताजा करने के साथ-साथ फिटनेस के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। 2. आंवला मसालेदार लौंजी:
मान्यता के अनुसार आंवला नवमी को आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। इस दिन आंवला खाने का उच्च कोटि का महत्व है। आंवला विटामिन-सी से भरपूर होता है और हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाता है, खाने की इच्छा को बढ़ाता है और आलस्य को दूर करता है। अगर आप भी आंवला नवमी के दिन आंवले का सेवन करके लाभ अर्जित करना चाहते हैं, तो यहां आपके लिए 6 अनोखी आंवला रेसिपी बताई गई हैं। यहां पढ़ें- 1. आंवला मुरब्बा:
आंवला मुरब्बा
1 किलो चमचमाता आंवला, 10 ग्राम चूना, 25 ग्राम मीठा मीठा, 1.25 किलो चीनी, 1 चम्मच काली मिर्च, 5-7 केसर के गुच्छे, पाव चम्मच इलायची पाउडर। तरीका:
1 किलो चमचमाता और आसान आंवला लें और इसे 3 दिनों के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इन्हें पानी से निकाल कर कांटों से गोद लें और पानी में नीबू को घोलकर आंवले को 3 दिन तक उसमें भीगने दें. चौथे दिन इन्हें आसान पानी से धोकर चीनी, मीठा और पानी में भाप दें। फिर इसे कपड़े पर खोलकर सुखा लें। अब चाशनी बनाकर उसमें आंवले छोड़ दें और रात का खाना तैयार करें. जब आंवले अच्छे से नरम हो जाएं तो उसमें काली मिर्च, केसर और इलायची डाल दें। इसके बाद मुरब्बा को ठंडा करके एक जार में रख लें। तैयार आंवला जैम हृदय को बिजली देने और दिमाग को तरोताजा करने के साथ-साथ फिटनेस के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। 2. आंवला मसालेदार लौंजी:
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